Manish Kashyap ने तोड़ी चुप्पी, नीतीश सरकार पर लगाया कई आरोप, तेजस्वी का लिया नाम...

पटना : मनीष कश्यप तमिलनाडु के नाम पर फर्जी वीडियो वायरल करने सहित अन्य मामलों को लेकर जेल में है। वहीं, शुक्रवार को पटना के कोर्ट में पेशी के दौरान मनीष कश्यप जमकर बिहार सरकार के सिस्टम और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर हमला बोला। मनीष कश्यप ने कहा कि सिस्टम पूरी तरह फेल है। हम तंग आ गए हैं। एक कैदी गाड़ी में 60 से 65 लोगों को ठूंस-ठूंसकर कर भेजा जाता है। हाजत में गांजा और स्मैक लोग पीते हैं, हम जब मना करते हैं तो मुंह पर धुंआ छोड़ते हैं। हाजत में इस तरह की स्थिति बनी है तो लोग क्या करेंगे? हम नशा विरोधी काम सभी दिन करते आए हैं, लेकिन आज नशे के बीच में हमको रहना पड़ रहा है।
मनीष कश्यप ने आज सीधे तौर पर राज्य सरकार के साथ-साथ तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। मनीष कश्यप ने कहा कि हम जानते हैं कि इतना बोलने पर हम पर एक बार फिर केस दर्ज होगा, लेकिन हम नहीं डरते हैं, क्योंकि हम चारा चोर के बेटा नहीं हैं। हम अपनी आवाज को हमेशा बुलंद रखेंगे और अपनी आवाज को जनता तक पहुंचाने का काम करेंगे। हम फौजी के बेटा हैं। हम डरने वाले नहीं हैं और एक दिन हम सरकार चलाएंगे और इन लोगों को दिखाएंगे कि कैसे सरकार चलती है।
मनीष कश्यप ने अपने हाथ में लगी हथकड़ी को ऊपर उठाते हुए कहा कि यह हथकड़ी है और यह हथकड़ी ईमानदार आदमी के हाथ में लगी है और जब हम ईमानदार हैं तो हम इससे डरने वाले नहीं हैं। सनातन धर्म पर सवाल उठाने वाले उदयनिधि स्टालिन पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उनको क्यों नहीं गिरफ्तार किया जा रहा है? सिर्फ मनीष कश्यप को ही जेल में क्यों डाला जा रहा है। हमको जेल में भेजे जाने के बाद भी कितने बिहारियों की पिटाई की गई है. कई जगह घटनाएं हो रही हैं फिर सिर्फ हमारे ऊपर ही क्यों? बाकी लोग को निर्देश क्यों साबित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम चारा चोर के बेटा नहीं हैं। हम नहीं डरेंगे। उनके ऊपर भी कैसे होना चाहिए। बिहार के मजदूरों को मारा जा रहा है। बता दें कि मनीष कश्यप अभी पटना के बेउर जेल में बंद है।
कश्यप ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी अपील की और कहा कि मेरे केस को बिहार और तमिलनाडु से हटाकर किसी भी दूसरे राज्य में कर दिया जाए, क्योंकि मैं मुझे इंसाफ इन दोनों राज्यों में नहीं मिलने वाला है। उन्होंने मांग की कि हमारे केस को सीबीआई को सौंप दी जाए। कुछ भी गलत नहीं बोले हैं। बिहार के मजदूर पहले भी मार खा रहे थे और अभी भी मार खा रहे हैं।