राज्यसभा चुनाव से पहले तेजस्वी की बड़ी बैठक, पटना में RJD विधायकों को बुलाया ?
राज्यसभा चुनाव से पहले तेजस्वी की बड़ी बैठक, पटना में RJD विधायकों को बुलाया ?
बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीति गरमा गई है। रणनीति तय करने के लिए तेजस्वी यादव ने RJD के सभी विधायकों को पटना बुलाया है। विधायक दल की बैठक में चुनाव को लेकर जरूरी निर्देश दिए जाएंगे।
बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरम हो गया है। इस बीच Tejashwi Yadav ने अपनी पार्टी के सभी विधायकों को पटना बुलाया है। राष्ट्रीय जनता दल के विधायक दल की अहम बैठक मंगलवार को आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता खुद तेजस्वी यादव करेंगे। बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
पटना में होगी RJD विधायक दल की अहम बैठक
राज्यसभा चुनाव से पहले बुलाई गई इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तेजस्वी यादव बैठक में अपने विधायकों को चुनाव से जुड़े जरूरी निर्देश देंगे। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि सभी विधायक एकजुट रहें और मतदान के दौरान किसी तरह की गलती न हो। इस बार बिहार से राज्यसभा की कुल पांच सीटों पर चुनाव होना है, जिसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है।
RJD ने एडी सिंह पर जताया भरोसा
राष्ट्रीय जनता दल ने मौजूदा सांसद Amrendra Dhari Singh को फिर से उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें एडी सिंह के नाम से भी जाना जाता है। महागठबंधन की कोशिश है कि इस बार पांचवीं सीट पर जीत हासिल की जाए।
NDA के पांच उम्मीदवार मैदान में
सत्तारूढ़ एनडीए की ओर से पांच उम्मीदवार उतारे गए हैं। इनमें बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar, भाजपा नेता Nitin Nabin, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख Upendra Kushwaha, जदयू के Ramnath Thakur और भाजपा के Shivesh Ram शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक इस चुनाव के लिए कुल छह उम्मीदवारों ने नामांकन किया है और किसी ने भी अपना पर्चा वापस नहीं लिया है। ऐसे में राज्यसभा के लिए मतदान होना तय है, जो 16 मार्च को कराया जाएगा।
चार सीटों पर NDA की बढ़त
बिहार विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों को देखें तो चार सीटों पर एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि पांचवीं सीट को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है और इसी को लेकर दोनों पक्ष अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं।
जीत के लिए चाहिए 41 विधायकों का समर्थन
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। अगर एनडीए पांचों सीटें जीतना चाहता है तो उसे तीन अतिरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए। वहीं महागठबंधन के पास राजद के 25 समेत कुल 35 विधायक हैं। ऐसे में एडी सिंह की जीत के लिए विपक्ष को छह और विधायकों का समर्थन जुटाना होगा।
AIMIM और BSP पर टिकी नजर
तेजस्वी यादव की नजर Asaduddin Owaisi की पार्टी All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen और Mayawati की Bahujan Samaj Party पर है। बिहार विधानसभा में AIMIM के पांच और बसपा का एक विधायक है। अगर ये विधायक विपक्ष के पक्ष में वोट करते हैं तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।
हालांकि महागठबंधन के सामने क्रॉस वोटिंग को रोकना भी एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव को लेकर आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और भी रोचक हो सकती है।