मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जी से एक सार्थक संवाद

असम की माटी और भविष्य की राजनीति पर माथापच्ची

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जी से एक सार्थक संवाद
आज असम के मुख्यमंत्री श्री @himantabiswa जी से शिष्टाचार भेंट हुई। जैसे ही चुनाव आयोग ने असम चुनाव की तारीखों (9 अप्रैल) का बिगुल फूँका, हमारी चर्चा वर्तमान राजनीतिक समीकरणों और राज्य के भविष्य पर केंद्रित हो गई। CAA और UCC जैसे गंभीर विषयों पर लंबी बात हुई, जहाँ उन्होंने स्पष्ट किया कि ये कानून केवल नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि राष्ट्र की अस्मिता और सुरक्षा से जुड़े संकल्प हैं। बैठक के दौरान सीएम साहब का आत्मविश्वास देखने लायक था। उन्होंने न केवल असम बल्कि आगामी बंगाल चुनावों में भी NDA की प्रचंड जीत का दावा किया। उन्होंने आग्रह किया कि इन चुनावों के दौरान मेरी राजनीतिक टिप्पणियाँ और विश्लेषण जनता तक पहुँचने चाहिए। चुनावी गणित के साथ-साथ राज्य की विकास यात्रा और क्षेत्रीय चुनौतियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। एक कठोर पत्रकार के नाते, मैंने ऑफ-कैमरा कुछ बेहद कठोर और चुभने वाले सवाल भी दागे, जिनका उन्होंने अपनी चिर-परिचित बेबाकी से उत्तर दिया। राजनीति में जब तक असहज करने वाले प्रश्न न पूछे जाएं, तब तक संवाद की सार्थकता अधूरी रहती है। मैंने यही काम अमित शाह के सामने भी किया था, भले वो नाराज जो गए। हेमंत जी के पारदर्शिता और हर मुद्दे पर स्पष्ट राय रखने की शैली ने इस बैठक को और भी प्रभावशाली बना दिया। राजनीति से इतर, हमारी चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गौ-सेवा और सनातन संस्कृति से भी जुड़ा रहा। बाबा-आशीष भाई द्वारा संचालित गौशाला की प्रगति और गाय को 'राष्ट्रीय पशु' घोषित करने की मांग पर भी गंभीर मंथन हुआ। आस्था और राष्ट्रनीति के इस संगम के बीच यह मुलाक़ात कई नए दृष्टिकोण दे गई। असम की इस पावन धरती से राष्ट्रवाद की यह गूँज आने वाले दिनों में और भी प्रखर होगी। जय हिंद! ????????