राज्य को मिला एक और हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे, इन इलाकों को होगा सीधा लाभ !

बिहार को जल्द ही एक और सिक्स लेन एक्सप्रेसवे का तोहफा मिलने वाला है, जिससे राज्य के पांच जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इस सड़क के बन जाने से खास तौर पर पशुपतिनाथ मंदिर और देवघर की यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी। बेहतर सड़क सुविधा के साथ इलाके में व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

राज्य को मिला एक और हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे, इन इलाकों को होगा सीधा लाभ !
बिहार में तेज़ी से सड़क नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है और इसी कड़ी में एक नए सिक्स लेन एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना सामने आई है। इस परियोजना से मुंगेर, सहरसा, बांका, मधेपुरा और खगड़िया जिलों के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। खास तौर पर मुंगेर क्षेत्र के यात्रियों के लिए यात्रा समय काफी कम हो जाएगा—यहां से बस के जरिए करीब तीन घंटे में पशुपतिनाथ मंदिर (नेपाल) और लगभग दो घंटे में देवघर पहुंचना संभव हो सकेगा। इस सिक्स लेन प्रोजेक्ट की घोषणा पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने की थी। प्रस्तावित पशुपतिनाथ-बैद्यनाथ धाम हाई-स्पीड कॉरिडोर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 250 किलोमीटर बताई जा रही है, जो बिहार में सुपौल जिले से प्रवेश करेगा और आगे झारखंड तक कनेक्टिविटी मजबूत करेगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित होगी, उन्हें आर्थिक लाभ मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। सरकार ने 2026-27 के बजट में सड़क परियोजनाओं के लिए 8,260 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसमें इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को महत्वपूर्ण योजना माना जा रहा है। राज्य में अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी तेजी से काम जारी है। वाराणसी से औरंगाबाद को जोड़ने वाली छह लेन सड़क अंतिम चरण में है, जिसके शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश होते हुए दिल्ली तक सफर पहले से अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगा। इसी तरह औरंगाबाद-चोरदाहा छह लेन मार्ग पूरा होने पर झारखंड और पश्चिम बंगाल की दिशा में भी यात्रा आसान हो जाएगी।