सहार क्षेत्र में बालू खनन का खेल तेज, ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी से बढ़ी चिंता...

सहार क्षेत्र में बालू खनन का खेल तेज, ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी से बढ़ी चिंता...
सहार (भोजपुर): सहार प्रखंड का सोन नदी तटीय इलाका बालू के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। वर्तमान में इस क्षेत्र में स्थित विभिन्न क्लस्टर घाटों पर बड़े पैमाने पर बालू का स्टॉक किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्टॉकिंग प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, घाटों पर स्टॉक के लिए आने वाली अधिकांश ट्रकें ओवरलोडेड बताई जा रही हैं। इसके बावजूद न तो परिवहन विभाग, न ही जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), न ही खनन विभाग और न ही जिला प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे रही है। लोगों के बीच यह चर्चा है कि आखिर किसकी मिलीभगत से यह कार्य निर्बाध रूप से जारी है। सहार के धौरी गांव स्थित 34 नंबर बालू घाट, जो कि एसेंट मिनमेट रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित बताया जा रहा है, इस बालूघाट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि यहां खनन के निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर अंधाधुंध बालू का दोहन किया जा रहा है। न तो पर्यावरणीय मानकों का समुचित पालन किया जा रहा है और न ही खनन संबंधी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। बताया जाता है कि अत्यधिक गहराई तक कटिंग की जा रही है तथा ओवरलोडेड ट्रकों की आवाजाही लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का दावा है कि उपलब्ध तस्वीरें और वीडियो इन आरोपों की पुष्टि करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट पर दिन-रात, 24 घंटे पोकलेन मशीनों से खनन कार्य कराया जा रहा है। यदि इसी प्रकार अनियंत्रित खनन जारी रहा तो भविष्य में सहार क्षेत्र सहित पूरे जिले के लिए यह गंभीर संकट का कारण बन सकता है, जिससे पर्यावरणीय असंतुलन और भौगोलिक क्षति की आशंका बढ़ सकती है। क्षेत्रवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमों के अनुरूप कार्रवाई करने की मांग की है।