CM नीतीश के राज्यसभा जाने की खबर पर JDU में असंतोष, कार्यकर्ताओं ने लगाए पोस्टर !

सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा से जेडीयू कार्यकर्ताओं में नाराज़गी दिखी। पटना में पार्टी ऑफिस के बाहर पोस्टर लगाकर फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की गई। पोस्टर में जनादेश और आत्मसम्मान के मुद्दे को भी उठाया गया।

CM नीतीश के राज्यसभा जाने की खबर पर JDU में असंतोष, कार्यकर्ताओं ने लगाए पोस्टर !
पटना में जेडीयू कार्यकर्ताओं के बीच मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने को लेकर नाराज़गी सामने आई है। जेडीयू कार्यालय के बाहर लगाए गए पोस्टर में उनसे अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की गई है। पोस्टर में लिखा गया है— “नीतीश सेवक कर रहा पुकार, नेता करें अपने निर्णय पर पुनर्विचार। लोकतंत्र में जनता के जनादेश और आत्मसम्मान का हनन अब नहीं होगा सहन।” दरअसल, गुरुवार को मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने राज्यसभा के लिए नामांकन किया था। इसके अगले दिन शुक्रवार को पटना स्थित जेडीयू कार्यालय के बाहर यह पोस्टर लगाया गया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिहार की जनता ने विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के चेहरे पर भरोसा जताकर वोट दिया था और उन्हें अगले पांच साल तक राज्य का नेतृत्व करने के लिए चुना था। ऐसे में उनका राज्यसभा जाना जनादेश के खिलाफ बताया जा रहा है। इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री के एक्स पोस्ट के सामने आते ही जेडीयू कार्यालय में हंगामा हो गया था। नाराज़ कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ भी की और विरोध जताया। कई कार्यकर्ता मीडिया से बातचीत के दौरान भावुक नजर आए। उनका कहना था कि जनता ने जनादेश नीतीश कुमार को दिया था, न कि Bharatiya Janata Party को। अगर नीतीश कुमार बिहार छोड़कर राज्यसभा जाते हैं तो यह जनता के साथ धोखा होगा। विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने Bharatiya Janata Party के खिलाफ नारेबाजी भी की। उनका कहना था कि अगर भाजपा बिहार में अकेले चुनाव लड़ती है तो उसके उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो सकती है। कुछ कार्यकर्ताओं ने इसे काला दिवस बताते हुए कहा कि राज्यसभा का पद नीतीश कुमार की राजनीतिक गरिमा के अनुरूप नहीं है। इसलिए पोस्टर के माध्यम से उनसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है।