गांधी मैदान में गर्ल्स ऑन व्हील्स का जलवा, बाल विवाह को नकार छह महादलित बेटियां संभालेंगी पिंक बस की कमान
गांधी मैदान में गर्ल्स ऑन व्हील्स का जलवा, बाल विवाह को नकार छह महादलित बेटियां संभालेंगी पिंक बस की कमान
इस बार गणतंत्र दिवस पर पटना का गांधी मैदान एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है. महादलित समुदाय की छह जांबाज बेटियां, जिन्होंने कभी समाज की बेड़ियों और बाल विवाह के दबाव को ठुकराया था, अब भारी भरकम 'पिंक बस' को रफ्तार देती नजर आएंगी. परिवहन विभाग की झांकी को लीड करने वाली ये बेटियां केवल बस नहीं चला रही हैं, बल्कि रूढ़िवादी सोच को कुचलकर बिहार के नए हौसले की कहानी लिख रही हैं
पटना के गांधी मैदान में इस साल गणतंत्र दिवस समारोह सिर्फ परेड और झांकियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक बदलाव की एक मजबूत तस्वीर भी पेश करेगा. पुनपुन की महादलित समुदाय से आने वाली छह बेटियां इस दिन पिंक बस चलाती नजर आएंगी और परिवहन विभाग की झांकी को लीड करेंगी.
यह न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक होगा, बल्कि उन रूढ़ियों को भी तोड़ता दिखेगा, जिनमें आज भी गरीब और महादलित परिवारों की बेटियां जकड़ी रहती हैं.
गांधी मैदान में हौसले की झांकी
गणतंत्र दिवस समारोह में जब परिवहन विभाग की झांकी गांधी मैदान में प्रवेश करेगी, तो उसकी अगुवाई पिंक बस करेंगी. इन बसों की ड्राइवर और कंडक्टर, दोनों ही महिलाएं होंगीखास बात यह है कि ये सभी पुनपुन की गरीब महादलित परिवारों से आने वाली बेटियां हैं, जिन्होंने समाज के दबाव और अभाव के बावजूद अपने लिए नई राह चुनी. सरकार की इस पहल के जरिए ‘गर्ल ऑन व्हील्स’ का संदेश पूरे राज्य तक पहुंचेगा.
बाल विवाह से ड्राइविंग लाइसेंस तक का सफर
इन बेटियों की कहानी आसान नहीं रही. कभी बाल विवाह से इनकार करने वाली ये लड़कियां आज हैवी मोटर व्हीकल चलाने का लाइसेंस लेकर खड़ी हैं. महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से पहले 16 लड़कियों को लाइट मोटर व्हीकल चलाने का प्रशिक्षण दिया गया था.
इसके बाद महादलित विकास मिशन के तहत छह लड़कियों को औरंगाबाद स्थित ड्राइविंग इंस्टीट्यूट में हैवी मोटर व्हीकल की ट्रेनिंग दिलाई गई. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें विधिवत लाइसेंस भी मिला.
कृषि झांकी में दिखेगी तेलहनी फसलों की ताकत
गणतंत्र दिवस समारोह में कृषि विभाग की झांकी भी खास संदेश देगी। इस बार झांकी के माध्यम से दलहन और तेलहनी फसलों से समृद्धि को दर्शाया जाएगा. केंद्र सरकार के निर्देश पर बिहार में तेलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.
राज्य में 2.371 लाख हेक्टेयर में तेलहनी फसलों की खेती का लक्ष्य रखा गया है. अब राई-सरसों के साथ तिल, तीसी, मूंगफली, सूर्यमुखी और सोयाबीन जैसी फसलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.
गणतंत्र दिवस की तैयारियां तेज
गणतंत्र दिवस को लेकर गांधी मैदान में तैयारियां अंतिम चरण में हैं. सरस मेला और कश्मीरी मेला के दुकानदारों को 10 जनवरी तक मैदान खाली करने का निर्देश दिया गया है. 11 जनवरी से परेड की रिहर्सल शुरू होगी. मैदान के अंदर और आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है और जमीन को समतल किया जा रहा है.
गांधी मैदान में पिंक बस चलाती ये छह बेटियां सिर्फ परेड का हिस्सा नहीं होंगी, बल्कि उस बदलते बिहार की पहचान बनेंगी, जहां बेटियां अब बोझ नहीं, बदलाव की ड्राइवर हैं