Bihar Politics: तेजस्वी यादव बोले—‘लोक नहीं, तंत्र जीता’, सरकार को सुधार के लिए 100 दिन की डेडलाइन
Bihar Politics: तेजस्वी यादव बोले—‘लोक नहीं, तंत्र जीता’, सरकार को सुधार के लिए 100 दिन की डेडलाइन
Bihar Politics: विदेश यात्रा से लौटकर पटना पहुंचे तेजस्वी यादव ने आते ही राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने चुनावी नतीजों को लोकतंत्र की हार करार दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार के प्रदर्शन का आकलन 100 दिन बाद किया जाएगा।
Bihar Politics: विदेश यात्रा से लौटने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रविवार को पटना पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने सबसे पहले बिहारवासियों को नववर्ष की बधाई दी। इसके बाद उनका रुख पूरी तरह सियासी और तीखा नजर आया।
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तेजस्वी यादव ने कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उन्हें चुनाव में पराजित किया गया, वह जनता की हार नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की हार है। उनके मुताबिक चुनाव में जनतंत्र नहीं, बल्कि तंत्र और मशीनें जीत गईं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि आज लोकतंत्र को “धन-तंत्र” और “मशीन-तंत्र” में तब्दील कर दिया गया है।
चुनाव में रची गई साजिश का आरोप
तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव कैसे हारा गया, यह किसी से छुपा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान सुनियोजित साजिश रची गई और छल-कपट के जरिए जीत हासिल की गई। उनका दावा था कि बिहार में नई सरकार किस तरह बनी, यह केवल बिहार की जनता ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लोग अच्छी तरह जानते हैंतेजस्वी यादव का बड़ा बयान: सरकार को 100 दिन की मोहलत
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने साफ कर दिया है कि वे फिलहाल सरकार के कामकाज पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे. उनका कहना है कि मौजूदा सरकार को वे 100 दिन का समय दे रहे हैं. इस अवधि में सरकार जो भी फैसले लेगी और नीतियां लागू करेगी, उस पर वे कोई हमला नहीं करेंगे. तेजस्वी ने कहा कि चुनाव से पहले किए गए वादों को जमीन पर उतारना अब सरकार की जिम्मेदारी है.
100 दिन बाद होगी वादों की असली परीक्षा
तेजस्वी यादव ने कहा कि 100 दिन पूरे होने के बाद ही वे सरकार के प्रदर्शन का आकलन करेंगे. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वास्तव में माताओं-बहनों को दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे, क्या एक करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्या हर जिले में चार-पांच नए उद्योग स्थापित होंगे. इन सभी मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही तय की जाएगी.
उन्होंने यह भी कहा कि जनता के सामने जो चुनावी घोषणा-पत्र रखा गया था, उसे लागू करना सरकार का कर्तव्य है. जिन वादों के आधार पर लोगों ने भरोसा जताया है, अब उन्हीं वादों पर सरकार को खुद को साबित करना होगा.