आरा : दो लाख का इनामी कुख्यात अपराधी दीपक पांडेय ने किया सरेंडर, दस साल से था फरार...

आरा : दो लाख का इनामी कुख्यात अपराधी दीपक पांडेय ने किया सरेंडर, दस साल से था फरार...
आरा : भोजपुर पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश और कानूनी शिकंजे के बाद मोस्ट वांटेड अपराधी दीपक पांडेय ने शुक्रवार को रोहतास जिले के डेहरी कोर्ट में सरेंडर कर दिया। दीपक पांडेय तरारी के भकुरा गांव का रहने वाला है। भोजपुर और रोहतास जिले में आधा दर्जन से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। मिथुन, हर्षित और योगेन्द्र हत्याकांड जैसे चर्चित मामले भी शामिल है। दीपक पांडेय के क्रिमिनल रिकॉर्ड को देखते हुए साल 2025 में प्रशासन की ओर से उस पर दो लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। बताया जा रहा है कि उसने सात नवंबर 2019 में रोहतास जिले के दरिहट थाना क्षेत्र में ईंट-भट्ठा के पास हुए निकु सिंह हत्याकांड से जुड़े मामले में सरेंडर किया है। करीब दस वर्षों से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदलकर कानून के हाथों से बचता रहा। भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज ने इनामी अपराधी के सरेंडर की पुष्टि करते हुए कहा कि उस पर दर्ज सभी मामलों में रिमांड के लिए संबंधित न्यायालय में आवेदन दिया जाएगा, ताकि उससे पूछताछ कर अन्य आपराधिक घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। नवादा, सिकरहट्टा, सहार और चांदी थाना क्षेत्रों में हत्या, अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज है। लगातार दबिश, संभावित गिरफ्तारी और बढ़ते कानूनी दबाव के कारण दीपक पांडेय ने अदालत में आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। सरेंडर के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उसके आत्मसमर्पण से भोजपुर और रोहतास पुलिस के साथ-साथ प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर लंबित मामलों की कड़ियां जोड़ने की तैयारी में जुट गई है। सरेंडर से पहले उसने एक वीडियो भी जारी किया था। उसने कहा था कि उसके दो चचेरे भाइयों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उसके विरोधियों ने साजिश के तहत उसका नाम फंसा दिया। उसे वर्ष 2018 में भी गोली मारी गई थी और उसके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे फर्जी है। न्याय पाने के लिए वह भोजपुर एसपी राज की पहल पर कोर्ट में सरेंडर कर रहा हूं।