IAS देवरे की उड़ान पर सियासी तूफान, आखिर क्यों मचा विधानसभा में बवाल?

2011 बैच के IAS अधिकारी निलेश रामचंद्र देवरे इन दिनों सुर्खियों में हैं। मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले देवरे पहले डॉक्टर थे, बाद में सिविल सेवा में आए। बिहार के कई जिलों में डीएम रहने के बाद फिलहाल वे पर्यटन विभाग में महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं।

IAS देवरे की उड़ान पर सियासी तूफान, आखिर क्यों मचा विधानसभा में बवाल?
निलेश रामचंद्र देवरे का नाम इन दिनों बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खूब चर्चा में है। 2011 बैच के इस IAS अधिकारी को लेकर विवाद की वजह पिछले साल जुलाई में की गई चार्टर विमान यात्रा बताई जा रही है। विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे बेवजह का विवाद करार दे रहा है। मामला अब बिहार विधानसभा तक पहुंच चुका है। डॉक्टर से IAS बनने तक का सफर देवरे मूल रूप से महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले हैं। उनके पिता कृषि विभाग में नौकरी करते थे, जिससे उन्हें सरकारी सेवा में आने की प्रेरणा मिली। खास बात यह है कि वे पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर रहे हैं। मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा का रास्ता चुना, क्योंकि उनका मानना था कि प्रशासनिक तंत्र का हिस्सा बनकर बड़े स्तर पर बदलाव संभव है। बिहार में उन्होंने मधुबनी, बांका और छपरा जैसे जिलों में जिलाधिकारी के तौर पर काम किया है और एक सख्त व अनुशासित अधिकारी की छवि बनाई। वर्तमान में वे राज्य के पर्यटन विभाग में सचिव स्तर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। चार्टर प्लेन विवाद कैसे शुरू हुआ विवाद उस समय सामने आया जब विधानसभा में राहुल शर्मा ने चार्टर फ्लाइट का मुद्दा उठाया। आरोप है कि जुलाई 2025 में देवरे अपने परिवार के साथ निजी विमान से पटना पहुंचे थे। विपक्ष ने सवाल उठाया कि एक सरकारी अधिकारी ने इतनी महंगी यात्रा कैसे की, खर्च किसने उठाया और क्या इसमें सरकारी संसाधनों का उपयोग हुआ। इन सवालों के बाद मामला राजनीतिक रूप ले गया। सरकार की ओर से बचाव हंगामे के बीच अशोक चौधरी ने देवरे का बचाव करते हुए कहा कि जिस विमान से नीतीश कुमार लौट रहे थे, उसी से अधिकारी भी परिवार सहित वापस आए थे। उनका कहना था कि विमान पहले से निर्धारित था, इसलिए इसमें कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए विवाद को राजनीतिक और जातिगत सोच से प्रेरित बताया। केंद्रीय स्तर का अनुभव देवरे इससे पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निजी सचिव भी रह चुके हैं, जिससे उनकी प्रशासनिक पकड़ और नेटवर्क का अंदाजा लगाया जाता है। फिलहाल चार्टर विमान यात्रा का मुद्दा बिहार की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।