खनिज परिवहन पर नया नियम: बाहरी वाहनों से बिहार में वसूला जाएगा ट्रांजिट टैक्स !

खनिज परिवहन में पारदर्शिता लाने के लिए बिहार सरकार ने नया प्रावधान लागू किया है। इसके तहत दूसरे राज्यों से आने वाले बालू, पत्थर, मोरम और स्टोन चिप्स से लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास जरूरी कर दिया गया है।

खनिज परिवहन पर नया नियम: बाहरी वाहनों से बिहार में वसूला जाएगा ट्रांजिट टैक्स !
बिहार सरकार ने अवैध खनन और टैक्स चोरी पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाया है। अब उत्तर प्रदेश, झारखंड या किसी भी दूसरे राज्य से बालू, गिट्टी या पत्थर लेकर बिहार आने वाले वाहनों के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य कर दिया गया है। बिना वैध पास के किसी भी खनिज लदे वाहन को राज्य की सीमा में प्रवेश नहीं मिलेगा। सरकार के इस फैसले का मकसद खनिज परिवहन को पारदर्शी बनाना और अवैध कारोबार पर लगाम लगाना है। इससे न केवल खनन माफियाओं की गतिविधियों पर रोक लगेगी, बल्कि राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। सीमा पर डिजिटल निगरानी की व्यवस्था उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि अब खनिज परिवहन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए बिहार की सीमाओं पर हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी निगरानी सीधे मुख्यालय के कंट्रोल रूम से होगी। दूसरे राज्यों से आने वाले हर वाहन को ट्रांजिट पास दिखाना जरूरी होगा। नई व्यवस्था के तहत यदि वाहन के चालान में वजन दर्ज है, तो ₹60 प्रति मीट्रिक टन के हिसाब से शुल्क देना होगा। वहीं आयतन दर्ज होने पर ₹85 प्रति घनमीटर की दर से भुगतान करना पड़ेगा। इससे खनिज परिवहन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और वैधानिक बनेगी। अवैध कारोबार पर कड़ी नजर बालू, स्टोन चिप्स, मोरम और स्टोन डस्ट जैसे लघु खनिजों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। बिना वैध ट्रांजिट पास के किसी भी वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से अवैध खनन से होने वाली काली कमाई पर रोक लगेगी और खनिज परिवहन पूरी तरह नियंत्रित रहेगा। राजस्व में होगी बढ़ोतरी नई नीति से राज्य को आर्थिक रूप से भी फायदा मिलने की उम्मीद है। ट्रांजिट पास व्यवस्था लागू होने के बाद खनिजों के परिवहन पर सरकार की सीधी निगरानी रहेगी और जो खनिज पहले बिना रिकॉर्ड के राज्य में पहुंच जाते थे, उनका पूरा राजस्व अब सरकारी खजाने में आएगा। साथ ही दूसरे राज्यों से निर्माण सामग्री मंगाने वाले ठेकेदारों और कारोबारियों को भी स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सभी दस्तावेज सही रखें, अन्यथा सीमा पर ही वाहन जब्त किए जा सकते हैं।