पटना-डोभी के बीच 130 किमी ग्रीन कॉरिडोर, सड़क किनारे लगेंगे फलदार पेड़ !

बिहार में पटना-डोभी मार्ग पर हरियाली बढ़ाने की बड़ी पहल की जा रही है. 130 किलोमीटर सड़क के किनारे फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे. मानसून से पहले काम शुरू होगा और इससे किसानों की आय बढ़ने की संभावना है !

पटना-डोभी के बीच 130 किमी ग्रीन कॉरिडोर, सड़क किनारे लगेंगे फलदार पेड़ !
बिहार सरकार ने पटना से डोभी तक करीब 130 किलोमीटर लंबी सड़क को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है. इस योजना के तहत हाईवे के दोनों किनारों पर फलदार और छायादार पेड़ लगाए जाएंगे. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने विधानसभा के बजट सत्र में इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नेशनल हाईवे के किनारे आम, जामुन, नींबू, आंवला, नीम, बरगद, पीपल और पाकड़ जैसे पौधे लगाए जाएंगे. विभाग ने इस दिशा में प्रारंभिक तैयारी भी शुरू कर दी है. क्या है योजना सरकार की कोशिश है कि इस साल मानसून शुरू होने से पहले ही पौधारोपण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए. जून–जुलाई का समय पौधे लगाने के लिए अनुकूल माना जाता है, इसलिए उसी दौरान काम शुरू होगा. सड़क किनारे हरियाली बढ़ने से न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है. स्थानीय किसानों को मिलेगा लाभ इस परियोजना में स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी. पटना, जहानाबाद और गया जिले में हाईवे से सटे क्षेत्रों के किसानों को फलदार पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इससे भविष्य में फलों की बिक्री के जरिए उन्हें अतिरिक्त आय का अवसर मिल सकेगा. विभाग ने इसके लिए सर्वे भी कराया है, ताकि उपयुक्त स्थानों की पहचान की जा सके. प्रोजेक्ट की खास बातें पटना–गया–डोभी फोरलेन हाईवे को तीन चरणों में तैयार किया गया है, जिस पर लगभग 1910 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. इस मार्ग पर पांच रेलवे ओवरब्रिज, 20 अंडरपास, चार फ्लाईओवर और आठ बायपास बनाए गए हैं. हाईवे बनने के बाद अब पटना से गया की दूरी करीब 90 मिनट में तय हो रही है. अब जब आवागमन आसान हो गया है, तो सरकार इस सड़क को हरियाली से सजाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. भविष्य में बिहार के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने की योजना है.