पटना मेट्रो का ट्रायल सफल, भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक चलेगी ट्रेन !

पटना में मेट्रो परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है. भूतनाथ से मलाही पकड़ी सेक्शन पर ट्रायल रन शुरू हो चुका है और तकनीकी परीक्षण पूरा होने के बाद होली के बाद पांच स्टेशनों तक सेवा शुरू होने की संभावना है !

पटना मेट्रो का ट्रायल सफल, भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक चलेगी ट्रेन !
पटना में मेट्रो विस्तार की दिशा में अहम प्रगति हुई है. गुरुवार को पटना मेट्रो ने पहली बार शहर के नए सेक्शन पर ट्रायल रन किया. भूतनाथ मेट्रो स्टेशन से खेमनीचक होते हुए मलाही पकड़ी तक ट्रेन चलाई गई. ट्रायल के चलते इस दिन आम यात्रियों के लिए सेवा अस्थायी रूप से बंद रखी गई. 2.75 किलोमीटर ट्रैक पर तकनीकी परीक्षण भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच लगभग 2.75 किमी लंबे हिस्से पर मेट्रो को अलग-अलग गति में चलाकर परीक्षण किया गया. इस दौरान ट्रैक की क्षमता, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग नेटवर्क और स्टेशनों के बीच समन्वय की गहन जांच की गई. अधिकारी हर तकनीकी पहलू का सूक्ष्म निरीक्षण कर रहे हैं ताकि संचालन पूरी तरह सुरक्षित हो सके. फिलहाल 3.45 किमी तक ही सेवा अभी मेट्रो सेवा भूतनाथ से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक करीब 3.45 किमी के दायरे में चल रही है. नए सेक्शन के जुड़ने के बाद यह दूरी बढ़कर लगभग 6.2 किमी हो जाएगी. इसके बाद पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी तक एलिवेटेड ट्रैक पर मेट्रो संचालन संभव होगा, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है. होली के बाद शुरू हो सकती है सेवा मेट्रो अधिकारियों के अनुसार कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम का निरीक्षण पहले फरवरी में प्रस्तावित था, लेकिन कार्यक्रम टल गया. अब टीम मार्च में पटना आकर ट्रैक, सिग्नलिंग, प्लेटफॉर्म सुरक्षा और यात्री सुविधाओं की जांच करेगी. यदि सब कुछ संतोषजनक पाया गया तो होली के बाद पांच स्टेशनों तक मेट्रो सेवा शुरू की जा सकती है. खेमनीचक बनेगा प्रमुख इंटरचेंज नए रूट में पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरोमाइल, भूतनाथ, खेमनीचक और मलाही पकड़ी स्टेशन शामिल होंगे. खेमनीचक स्टेशन को इंटरचेंज हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां से कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 की कनेक्टिविटी मिलेगी. इसी कारण यहां निर्माण और तकनीकी समन्वय में अधिक समय लग रहा है. दूसरे चरण में मीठापुर तक विस्तार शहर में कुल 31.9 किमी लंबी मेट्रो लाइन विकसित की जानी है, जिस पर लगभग 13,365 करोड़ रुपये खर्च होंगे. परियोजना में राज्य और केंद्र सरकार के साथ जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) का वित्तीय सहयोग भी शामिल है. दूसरे चरण में खेमनीचक से मीठापुर तक विस्तार किया जाएगा, जिसमें जगनपुरा, रामकृष्णानगर और मीठापुर स्टेशन प्रस्तावित हैं. फिलहाल इस हिस्से में बिजली के पोल लगाने का काम शुरू हो चुका है और जल्द ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया भी आरंभ होगी.