आरा : अचानक हंसुआ लेकर खेत में उतरे DM साहब, दौड़कर पहुंचे किसान, मोबाइल से वीडियो बनाते रहे अधिकारी...

आरा : भोजपुर के जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने एक अनोखा काम किया। उन्होंने खुद किसान बनकर खेत में गेहूं की फसल काटी। उन्होंने यह काम फसल कटनी प्रयोग का निरीक्षण करने के लिए किया। इस प्रयोग से किसानों को कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। आमतौर पर आपने किसानों को ही हंसिया लेकर खेत में फसल काटते देखा होगा। लेकिन भोजपुर में कुछ अलग हुआ। वहां के डीएम तनय सुल्तानिया खुद खेत में उतरे और गेहूं की फसल काटी।
डीएम ने ग्राम पंचायत रामपुर सनदिया के बभनौली गांव में यह काम किया। उन्होंने किसान भगवान पासवान के खेत में रबी गेहूं की फसल काटी। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी मदन नारायण सिंह ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले की हर ग्राम पंचायत में 5 फसल कटनी प्रयोग किए जाते हैं। इससे पंचायत स्तर पर फसल की औसत उपज का पता चलता है।
इन आंकड़ों का इस्तेमाल राज्य और केंद्र सरकार किसानों के लिए योजनाएं बनाने में करती हैं। बिहार राज्य फसल सहायता योजना जैसी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने में यह मददगार होता है। इससे GDP का सही आकलन होता है। साथ ही, राष्ट्रीय खाद्य नीति और आयात-निर्यात संबंधी नीतियों को बनाने में भी मदद मिलती है। मदन नारायण सिंह ने आगे बताया कि यह प्रयोग किसानों के लिए बहुत फायदेमंद है। यह किसानों के लिए लाभकारी योजनाओं का आधार बनता है।
डीएम का खेत में उतरकर फसल काटना एक सराहनीय कदम है। इससे किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। यह एक अनूठा उदाहरण है कि कैसे सरकारी अधिकारी किसानों के साथ मिलकर काम कर सकते हैं।