परिवहन विभाग के 40 अफसरों को नोटिस, लापरवाही पर सरकार सख्त !

बिहार में राजस्व वसूली लक्ष्य से कम रहने पर परिवहन विभाग ने सख्ती दिखाई है. 10 जिलों के डीटीओ समेत 40 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा गया है, नहीं तो विभागीय कार्रवाई होगी !

परिवहन विभाग के 40 अफसरों को नोटिस, लापरवाही पर सरकार सख्त !
लक्ष्य से पीछे रहने वाले अधिकारियों पर सख्ती परिवहन विभाग ने तय राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और उनकी जिम्मेदारी तय कर दी है. विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के 10 जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) समेत कुल 40 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी. इन जिलों के अधिकारियों से मांगा जवाब जिला परिवहन पदाधिकारी स्तर पर भागलपुर, छपरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पटना, सीतामढ़ी, किशनगंज, अरवल, रोहतास और समस्तीपुर के अधिकारियों को नोटिस भेजा गया है. आरोप है कि इन जिलों में निर्धारित राजस्व लक्ष्य हासिल नहीं किया गया और कार्य में लापरवाही बरती गई. विभाग ने साफ संकेत दिया है कि वित्तीय अनुशासन के मामले में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी और प्रदर्शन के आधार पर ही जवाबदेही तय होगी. अधिकारियों से यह भी पूछा गया है कि जब वे लक्ष्य हासिल करने में असफल रहे, तो उन्हें पद पर बनाए रखने का औचित्य क्या है. नोटिस जारी होने के बाद संबंधित जिलों में तैनात अधिकारियों पर जवाब देने का दबाव बढ़ गया है और विभागीय कार्रवाई की आशंका से महकमे में हलचल तेज हो गई है. ADTO, MVI और ESI भी रडार पर कार्रवाई सिर्फ डीटीओ तक सीमित नहीं है. परिवहन विभाग ने फील्ड स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों पर भी नजर कड़ी कर दी है, जिनकी जिम्मेदारी जांच अभियान चलाने और जुर्माना वसूली की होती है. मुजफ्फरपुर, गया और बेतिया में तैनात मोटर वाहन निरीक्षकों (MVI) से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है. वहीं प्रवर्तन अवर निरीक्षकों (ESI) की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं. विभाग का मानना है कि इन अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर सक्रियता नहीं दिखाई और प्रवर्तन कार्यों में गंभीर कमी रही. मधेपुरा, लखीसराय, सुपौल और बक्सर के अधिकारियों से भी पूछा गया है कि राजस्व वसूली अपेक्षा के अनुरूप क्यों नहीं हुई. तीन दिन का अल्टीमेटम परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि अब बहानों को स्वीकार नहीं किया जाएगा. सभी 40 अधिकारियों को केवल तीन दिन का समय दिया गया है. यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी. सूत्रों के अनुसार कार्रवाई की स्थिति में अधिकारियों के प्रमोशन, वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) और भविष्य की पोस्टिंग पर भी असर पड़ सकता है.