महिला शिक्षकों के लिए बड़ी राहत, 730 दिनों के अवकाश का फैसला !
महिला शिक्षकों के लिए बड़ी राहत, 730 दिनों के अवकाश का फैसला !
बिहार के शिक्षा मंत्री ने बताया कि महिला शिक्षकों को 730 दिनों का शिशु देखभाल अवकाश देने संबंधी एसओपी जल्द जारी की जाएगी। इस अवधि में मातृत्व अवकाश पर हर महीने वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, महिला शिक्षकों के तबादले के मुद्दे पर भी सरकार गंभीरता से विचार करेगी।
Bihar Education: बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शुक्रवार को विधान परिषद में महिला शिक्षकों को बड़ी राहत देने वाली घोषणाएं कीं। सरकार ने स्कूलों में 730 दिनों के शिशु देखभाल अवकाश (CCL) के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर ली है और अगले 15 दिनों के भीतर आधिकारिक आदेश जारी करने का आश्वासन दिया है। सरकार का कहना है कि यह कदम महिला शिक्षकों के अधिकारों की सुरक्षा और अवकाश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मातृत्व अवकाश के वेतन में सुधार
मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन भुगतान की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। पहले शिक्षिकाओं को अवकाश से लौटने के बाद एकमुश्त राशि मिलती थी, जिससे आर्थिक दिक्कतें होती थीं। अब नई व्यवस्था के तहत उन्हें हर महीने वेतन दिया जाएगा। इस संबंध में विभाग पहले ही एसओपी जारी कर चुका है, जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।
ट्रांसफर पर सुझाव
सदन में चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सुझाव दिया कि महिला शिक्षकों की तैनाती उनके गृह जिले में ही की जानी चाहिए, ताकि दूरस्थ स्थानों पर जाने से होने वाली परेशानियों से बचा जा सके। मंत्री ने इस प्रस्ताव को सकारात्मक बताते हुए कहा कि विभाग इस पर गंभीरता से विचार करेगा।
गड़बड़ी पर सख्ती
वहीं, स्कूलों में बेंच-डेस्क खरीद में अनियमितताओं को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। एसी-डीसी बिल जमा नहीं करने वालों पर कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज करने की बात कही गई है। अब खरीद प्रक्रिया में बदलाव करते हुए इसे डीईओ के माध्यम से न कराने का फैसला लिया गया है। सरकार ने साफ किया कि ऑडिट में गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी।