राज्यपाल की मंजूरी के बाद नया नियम, अब पहले से घोषित होगी रिजल्ट की तारीख !

बिहार में यूनिवर्सिटी परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत आंसर शीट की डिजिटल जांच और तय समय पर परिणाम जारी करने के लिए कैलेंडर लागू किया जाएगा।

राज्यपाल की मंजूरी के बाद नया नियम, अब पहले से घोषित होगी रिजल्ट की तारीख !
सुनील कुमार ने विधानपरिषद में बताया कि सरकार विश्वविद्यालयों की परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल करने की दिशा में काम कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार एग्जाम, कॉपी जांच और रिजल्ट जारी करने की पूरी प्रक्रिया तकनीक के जरिए होगी, ताकि देरी की समस्या खत्म हो और छात्रों को समय पर परिणाम मिल सके। मंत्री ने कहा कि अक्सर रिजल्ट में महीनों की देरी से नया सत्र प्रभावित होता है और छात्रों का समय बर्बाद होता है। नई व्यवस्था में उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जांचा जाएगा, जिससे प्रक्रिया तेज होने के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी और गड़बड़ी की संभावना कम होगी। इस योजना पर कुलपतियों के साथ चर्चा हो चुकी है और शुरुआती प्रतिक्रिया सकारात्मक रही है। इस सिस्टम को लागू करने से पहले राज्यपाल की मंजूरी ली जाएगी। अनुमति मिलने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा—संभव है कि शुरुआत कुछ विश्वविद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हो, फिर धीरे-धीरे सभी संस्थानों में विस्तार किया जाए। सरकार शैक्षणिक कैलेंडर को भी सख्ती से लागू करना चाहती है। कोशिश होगी कि परीक्षा और रिजल्ट दोनों की तारीख पहले से तय रहे, ताकि छात्रों और शिक्षकों को स्पष्ट समयसीमा मिल सके और सत्र समय पर पूरा हो। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल लागू होने पर राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार ला सकती है।